सरहदी प्रवेशद्वार पर सुरक्षा दरकिनार

मैहतपुर (ऊना)। दिन : रविवार। वक्त : सुबह 11 बजे।  इंडियन बुलेटिन ने ऊना जिले के सबसे व्यस्त एवं संवेदनशील माने जाने वाले सरहदी क्षेत्र के कैप्टन अमोल कालिया प्रवेशद्वार में सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रबंधों का जायजा लिया। तो ऐसा लगा कि जिला प्रशासन इस सरहदी प्रवेशद्वार के प्रति बहुत ज्यादा संजीदा नहीं है। यही हाल ऊना के अन्य सरहदी बैरियरों का भी है।
हिमाचल में दाखिल होने वाले हर वाहन पर नजर रखने के मकसद से कुछ ही महीनों पहले जो सीसीटीवी कैमरे दिल्ली की फर्म के माध्यम से लगवाए गए थे, वे एक खराब क्या हुए कि फिर आज दिन तक दुरुस्त ही नहीं हो पाए। एलसीडी धूल फांक रही हैं, पंखा खराब पड़ा है। चार वाई दस साइज का केबिन सुबह 11 बजे धूप से इतना गर्म हो जाता है कि अंदर खड़े होना भी मुश्किल हो रहा था। प्रवेशद्वार की सुरक्षा महज एक पुलिस जवान के हवाले है वो भी खाली हाथ। ऐसे में कभी भी कोई भी बड़ी वारदात हो सकती है और सुरक्षा बंदोबस्त में इतनी ढील के कारण ही बाहरी राज्यों के शातिर देवभूमि में घुसकर अनेक वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। प्रवेशद्वार पर कम से कम एक हथियारबंद और दो अन्य पुलिस कर्मियों का हर वक्त तैनात रहना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद लाजमी है।

यहां अफसर भी नहीं आते
प्रवेशद्वार के बगल में ही खुला आबकारी एवं कराधान विभाग का नाका भी सुरक्षा के लिहाज से कोई ज्यादा महफूज नहीं है। हल्की सी बारिश में छत से पानी टपकता है। सीमेंट की बोरियाें में रिकॉर्ड संभालकर रखा है, जिससे कहीं भीगकर खराब न हो जाए। शौचालय का कोई बंदोबस्त नहीं है। अपनी जेब से कर्मचारियों ने एक शौचालय बनाया है, लेकिन अभी चालू नहीं कर पाए हैं। आला अफसर बेबसी का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। एक कर्मचारी के अनुसार यहां तो अफसर भी नहीं आते। आएंगे भी क्यों? सुविधाएं तो यहां हैं नहीं।

क्या कहता पुलिस विभाग
एएसपी वीरेंद्र ठाकुर के अनुसार स्टाफ की कमी के चलते नाकों पर ज्यादा मुलाजिमों को तैनात करना संभव नहीं हो पा रहा है। निकट के पुलिस स्टेशनों में तैनात पुलिस बल उनकी सहायता को हर वक्त तैयार होते हैं। सीसीटीवी कैमरों में कुछ तकनीकी खराबी आई है, उन्हें दुरुस्त करवा दिया जाएगा।

कमियों को दूर करेंगे
वहीं इस संबंध में आबकारी एवं कराधान विभाग में सहायक आयुक्त यूएस राणा ने कहा कि मैहतपुर में विभाग का कार्यालय किराये के भवन में चल रहा है, लिहाजा वहां पर शौचालय निर्माण की मुश्किल पैदा हो रही है। कार्यालय में कमियों को जल्द ही दूर किया जाएगा।

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